जयपुर फुट शिविर में 341 दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण

  • छह जिलों के दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

गोपेश्वर (चमोली)। किसी को चलने का सहारा मिला तो किसी की सुनने की क्षमता बेहतर हुई। किसी के लिए व्हीलचेयर ने दैनिक जीवन आसान बनाया तो किसी के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगी। चमोली जिले के गौचर में आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग सहायता शिविर में 341 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गौचर में जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से शिविर आयोजित किया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार की पहल पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर (जयपुर फुट) के सहयोग से आयोजित शिविर में चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर और अल्मोड़ा के दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए गए।

जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने बताया कि शिविर में 53 दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर, आठ को कृत्रिम हाथ, 111 को कान की मशीन, 41 को व्हीलचेयर और 23 को बैसाखी दी गई। इसके अलावा छड़ी, कैलिपर, वॉकर और ईसीआर सहित अन्य उपकरण भी वितरित किए गए। शिविर में चमोली के 271, रुद्रप्रयाग के 24, बागेश्वर के 22, पौड़ी के आठ, टिहरी के दो और अल्मोड़ा के दो दिव्यांगजन लाभान्वित हुए।

डीएम ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे शिविर उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के साथ जीवन को सुगम बनाने में मददगार हैं। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया। समापन समारोह में शिविर के संचालन में सहयोग देने वाली जयपुर फुट की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, जयपुर फुट के कोऑर्डिनेटर चंद्रशेखर भंसाली, राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य बृजमोहन नेगी, गणेश मिश्रा, प्रधानाचार्य केएस बिष्ट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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