महिला सिलाई प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की राह होगी आसान – संदीप रावत

गोपेश्वर (चमोली)। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई आरसेटी) की ओर से महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 12 जून से 12 जुलाई तक एक माह के महिला सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

 नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संदीप रावत ने बतौर मुख्य अतिथि सिलाई प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए कहा कि मौजूदा समय में कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण रोजगार एवं स्वरोजगार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। कहा कि महिलाएं यदि किसी हुनर में दक्ष हो जाएं तो वे न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने और प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।

एसबीआई आरसेटी के निदेशक एसएस सोलंकी ने संस्थान की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आरसेटी की ओर से समय-समय पर युवाओं और महिलाओं के लिए विभिन्न स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास और स्वरोजगार स्थापित करने के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को महिला परिधान निर्माण, सिलाई-कटाई, नाप लेने की विधि, विभिन्न प्रकार के परिधानों की डिजाइनिंग, आधुनिक सिलाई तकनीकों तथा मशीन संचालन की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, ग्राहक व्यवहार, विपणन और स्वरोजगार से संबंधित आवश्यक जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि प्रशिक्षण के बाद वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों को मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने की सलाह दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

फैकल्टी मुन्नी पंवार ने बताया कि प्रशिक्षण पूरी तरह व्यवहारिक एवं रोजगारोन्मुखी होगा। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान विभिन्न प्रकार के महिला परिधानों को तैयार करने का अभ्यास कराया जाएगा, जिससे वे प्रशिक्षण समाप्त होने तक एक कुशल दर्जी के रूप में कार्य करने में सक्षम हो सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चमोली जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 30 महिला प्रशिक्षणार्थी भाग ले रही हैं, जिन्हें आगामी एक माह तक सिलाई एवं परिधान निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में सहायक गजेन्द्र गैरोला मौजूद रहे।

 

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